"श्री राधाभक्तिमञ्जूषा" एक महत्वपूर्ण धार्मिक और आध्यात्मिक ग्रंथ है, जो विशेष रूप से भगवान श्री कृष्ण की प्रिय सखी और प्रेमिका श्री राधा की भक्ति और उनके दिव्य प्रेम को समर्पित है। इस ग्रंथ में भगवान श्री कृष्ण के साथ राधा जी के संबंधों, उनके प्रेम, भक्ति और उनके अद्वितीय रूपों का विस्तृत वर्णन किया गया है। यह ग्रंथ विशेष रूप से भक्तिवेदांत और कृष्ण भक्ति के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।"श्री राधाभक्तिमञ्जूषा" का उद्देश्य राधा भक्तों को राधा जी की महिमा और उनकी पूजा की विधियों के बारे में जानकारी प्रदान करना है। इसमें राधा जी के चरित्र, उनके भक्तों के साथ प्रेम, और उनके दिव्य संबंधों को समझाने के लिए गहरे तात्त्विक दृष्टिकोण से वर्णन किया गया है। यह ग्रंथ राधा भक्ति को प्रोत्साहित करता है और भक्तों को राधा जी की पूजा और भक्ति में समर्पित करने की प्रेरणा देता है।
NO PDF AVAILABLE
top of page
₹100.00Price
bottom of page
