किशोरी सुधा (Kishori Sudha)
किशोरी सुधा वरिष्ठ कवि एवं भक्त श्री अनिल मिश्र द्वारा रचित एक अत्यंत भावपूर्ण हिन्दी पद-संग्रह है। यह पुस्तक श्रीराधा-कृष्ण, श्रीसीताराम, वृन्दावन धाम, गुरु-भक्ति तथा आध्यात्मिक जीवन के विविध भावों को मधुर पदों के माध्यम से प्रस्तुत करती है। लेखक ने अपने गहन आध्यात्मिक अनुभवों, भक्ति, प्रेम और समर्पण को सरल एवं हृदयस्पर्शी भाषा में अभिव्यक्त किया है, जिससे प्रत्येक पाठक सहज रूप से जुड़ सकता है।
इस पुस्तक में कुल 201 भक्तिमय पद संकलित हैं। प्रारम्भिक पद गुरु-समर्पण और ब्रजधाम की महिमा का वर्णन करते हैं, जबकि आगे के पदों में श्रीराधा-कृष्ण की दिव्य लीलाएँ, युगल प्रेम, विरह, मिलन, भक्ति-रस तथा श्रीसीताराम की मधुर कथाओं का सुंदर चित्रण मिलता है। प्रत्येक पद भक्तिरस से ओत-प्रोत है और साधकों को आध्यात्मिक चिंतन एवं आत्मिक आनंद की अनुभूति कराता है।
लेखक श्री अनिल मिश्र एक सेवानिवृत्त विद्युत अभियंता हैं, जिन्होंने अभियंत्रण एवं प्रबंधन के क्षेत्र में लंबी सेवा देने के पश्चात स्वयं को आध्यात्मिक साधना और भक्ति साहित्य की रचना के लिए समर्पित किया। वर्तमान में वे वृन्दावन में निवास करते हैं तथा उनकी रचनाओं में ईश्वर-प्रेम, सकारात्मक जीवन-दृष्टि और भारतीय भक्ति परम्परा का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है।
यदि आप राधा-कृष्ण भक्ति, ब्रज संस्कृति, हिन्दी भजन-पद, आध्यात्मिक साहित्य अथवा भक्तिरस से परिपूर्ण काव्य पढ़ने के इच्छुक हैं, तो किशोरी सुधा आपके पुस्तक-संग्रह के लिए एक उत्कृष्ट चयन है।
पुस्तक विवरण
- पुस्तक का नाम: किशोरी सुधा (Kishori Sudha)
- लेखक: अनिल मिश्र
- भाषा: हिन्दी
- पृष्ठ: 216
- सेवा राशि: ₹150.00
- वजन: लगभग 172 ग्राम
- प्रकाशक: बीना मिश्र, वृन्दावन
- मुद्रण-संयोजन: श्रीहरिनाम प्रेस, वृन्दावन
